पाठशाला भीतर और बाहर |अंक‑29

Azim Premji University,

Abstract

शिक्षकों और विद्यार्थियों के बीच आत्मीयता, समझ और मिलकर नया सीखने की कोशिश के बीच से शिक्षकों के लिए नई राहें खुलती हैं; नई और प्रभावी शिक्षण प्रक्रियाएँ बनाने की स्पष्टता आती है; तथा विद्यार्थियों में भी सीखने के प्रति उत्साह बढ़ता है।पाठशाला भीतर और बाहर में प्रकाशित होने वाले तमाम लेखों में प्रभावी शिक्षणशास्त्र से जुड़े ऐसे अनुभव और प्रक्रियाएँ अलग-अलग तरह से आती रहती हैं। इस सितम्बर अंक में भी आपको प्रभावी शिक्षणशास्त्र से जुड़े तमाम लेख मिलेंगे।