Publications & Resources

Our faculty, students and researchers work together everyday to contribute to a better world by grappling with urgent problems we are facing in India. We conduct rigorous work to produce high quality learning resources and publications to contribute to public discourse and social change. Here, we feature a sample from our work for everyone to access. You can explore featured resources, policies, and the latest publications from the University.

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  • Pathshala Hindi Issue 25 Sept 2025 Cover
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      Abstract

      पाठशाला भीतर और बाहर का यह विशेष अंक है। इस अंक के साथ पाठशाला पत्रिका ने 25 अंकों का सफ़र तय किया है। इस विशेष 25वें अंक में शामिल हैं 13 राज्यों से आई 25 शिक्षकों की डायरियाँ जिनमें दर्ज हैं उनके कक्षा अनुभव। साथ ही, 5 आलेख बन्धुता की शिक्षा’, शिक्षकों के विकास में सहयोग ही उनका सम्मान है’, शिक्षा और शिक्षक : ज़मीनी चुनौतियों को समझने की जरूरत’, विद्यार्थियों के जीवन को आकार देते हैं शिक्षक’, पाठशाला भीतर और बाहर के 25 अंकों का सफ़र’ शामिल हैं। ये आलेख शिक्षकों के काम को भरोसे के तौर पर देखते हैं, और आने वाले समय में शिक्षा में सकारात्मक बदलाव के प्रति आश्वस्ति जगाते हैं। 

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    • Pathshala Issue 21 Cover low res
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        Abstract

        हमारे समाज में स्त्री-पुरुष, लड़के-लड़कियों के बीच ग़ैर‑बराबरी की सामाजिक‑सांस्कृतिक जड़ें आज भी बहुत गहरी हैं। इनपर कक्षा में बात करना बहुत ज़रूरी है। पाठशाला के इक्कीसवें अंक के एक लेख में इस विषय पर बच्चों से की गई चर्चा के अनुभव प्रस्तुत किए गए हैं। एक अन्य लेख इस बात की पैरवी करता है कि बच्चे डर के माहौल से नहीं, बल्कि भावनात्मक जुड़ाव से बेहतर सीखते हैं। इसके लिए शिक्षकों में बच्चों के प्रति सहानुभूति व समानुभूति का बोध होना चाहिए। सुबह की सभा, यानी मॉर्निंग असेंबली का शिक्षकों और बच्चों के लिए क्या महत्त्व है; और इसे ज़्यादा रचनात्मक, शैक्षिक और भागीदारीपूर्ण कैसे बनाया जा सकता है?  एक लेख में इस बारे में चर्चा की गई है। इबारती सवालों पर काम के अनुभव पर आधारित एक लेख में बताया गया है कि जब तक गणित में भाषा का ज़्यादा-से-ज़्यादा इस्तेमाल न किया जाए, बच्चों को गणित समझने में दिक़्क़त आती है। गणित के दूसरे लेख में मापन की अवधारणा, उसकी इकाइयों एवं पैमाने से लम्बाई मापने के अनुभव साझा किए गए हैं।

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      • Pathshala Issue 17 Cover page
        Published
        Authors

          Abstract

          गणना करना सीखना और संक्रियाएँ सीखना ही गणित सीखना नहीं है। गणित सीखने में बहुत कुछ है। इसके लिए गणित की भाषा सीखना और स्वयं गणित करना अहम है। ऐसा गणित, जो आपके दिमाग की क्षमता को खींचे व कर पाने की खुशी भी दे । इस अंक में गणित के लेख इन बातों को बखूबी दिखा रहे हैं। बच्चों को लिखना सिखाने पर भी इस अंक के लेखों में विस्तृत बात हुई है। संवाद व अन्य लेख लिखने के आयामों यथा लिखना और पुस्तकें पढ़ना-लिखना और मौखिक अभिव्यक्ति आदि को उभारते हैं। सीखने में अर्थ की भूमिका अहम है। जो भी सीखा जाना है, सीखने वाला अपने लिए उसका अर्थ खुद गढ़ता है और जब वह यह अर्थ गढ़ पाता है, तभी सीख पाता है। बच्चों को कविता का अर्थ खुद गढ़ने देने की बात करता एक लेख, कविता ही नहीं बल्कि कुछ भी सीखने में अर्थ की भूमिका क्या हो सकती है, रेखांकित करता है। शामिल पुस्तक चर्चा भी बच्चों के सीखने के बारे में बहुत से महत्त्वपूर्ण बिन्दु रखती है।

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