Publications & Resources

Our faculty, students and researchers work together everyday to contribute to a better world by grappling with urgent problems we are facing in India. We conduct rigorous work to produce high quality learning resources and publications to contribute to public discourse and social change. Here, we feature a sample from our work for everyone to access. You can explore featured resources, policies, and the latest publications from the University.

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  • Pathshala Hindi Issue 28 June 2026 cover
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      Abstract

      पाठशाला भीतर और बाहर का जून अंक विद्यालय संस्कृति, डर किस तरह सीखना बाधित करता है और साथ मिलकर सीखना कैसे सीखने के आनंद को बढ़ा देता है जैसे मुद्दों पर केन्द्रित है। इसके अलावा बाल साहित्य या पढ़ने की घण्टी को भाषा की गतिविधि तक सीमित न रखकर उसका जुड़ाव तमाम विषयों को समझने और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में कैसे देखा जा सकता है, पहली और दूसरी भाषा सीखने से जुड़ी मुश्किलों और उनसे निकलने के लिए कौन सी प्रक्रिया अपनाई गई इस बारे में भी लेख इस अंक में शामिल है। इसके अतिरिक्त हमेशा की तरह सभी स्थाई स्तम्भ भी अंक का हिस्सा हैं, जिनमें विभिन्न राज्यों से आई शिक्षक डायरी, किताबों से दोस्ती’ में कुछ ज़रूरी किताबों की बात, उम्मीद जगाते शिक्षक’ के अन्तर्गत पढ़ेंगे ऐसे शिक्षक की कहानी जिन्होंने पढ़ने-लिखने की गतिविधियों को कुछ इस तरह विद्यालय में किया कि विद्यार्थियों का पढ़ना-लिखना बेहतर हुआ। साथ ही हैं कुछ रोचक और उपयोगी गतिविधियाँ।

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    • Pathshala Issue 24 June 2025 cover
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      Authors

        Abstract

        पाठशाला भीतर और बाहर के जून अंक (24वाँ) में एफ़एलएन की अवधारणा, कक्षा अनुभव, चुनौतियाँ, आदि को केन्द्र में रखकर लिखे गए कुछ लेख हैं। बातचीत के ज़रिए विद्यार्थियों से जुड़ना और उस बातचीत का शिक्षण प्रक्रिया में उपयोग कैसे हो, बच्चों को रचनात्मक लेखन से कैसे जोड़ें, पाठ योजना बनाकर पढ़ाना कैसे उपयोगी होता है, जैसे लेख भी शामिल हैं। एक ऐसे विद्यालय की कहानी को पढ़ना दिलचस्प होगा जिसका नामांकन एकदम कम हो गया था, लेकिन कुछ ख़ास प्रक्रियाएँ अपनाने से उस विद्यालय में न सिर्फ़ नामांकन बढ़ा, बल्कि विद्यार्थियों के सीखने का स्तर भी बेहतर हुआ। 

        हमेशा की तरह ईसीसीई पर आलेख है जिसमें आँगनवाड़ी केन्द्र के माहौल और गतिविधियों से जुड़े अनुभव शामिल हैं। नियमित स्तम्भ के अन्तर्गत इस बार इनसे मिलिए’ में मध्य प्रदेश की शिक्षिका से जानेंगे उनके अनुभव, कि कैसे और कौन‑सी प्रक्रियाओं के चलते सीखना बेहतर हुआ। इसके अलावा, इस अंक में शिक्षकों की डायरी से’, किताबों से दोस्ती’, और आइए, करके देखें’ स्तम्भ भी शामिल हैं।

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      • Pathshala Issue 20 Cover
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          Abstract

          हमारे आज के विविधतापूर्ण और बहुरंगी समाज के लिए हिंसा और शोषण की संस्कृति ठीक नहीं है। आज के दौर के लिए संवाद की संस्कृति ही ज़्यादा ठीक है। इस विचार पर पाठशाला भीतर और बाहर के बीसवें अंक के एक लेख का मुख्य विषय के रूप में विस्तार से बात की गई है। इस अंक के कुछ लेखों में पाठ्यपुस्तक और पाठ्येतर कहानी-कविताओं के शिक्षण की सुविचारित योजना बनाकर भाषाई कौशलों के विकास और इनके आकलन पर किए गए कार्य के अनुभव प्रस्तुत किए गए हैं। जिसमें एक लेख डायरी लेखन और दूसरा लेख रीडिंग कॉर्नर के ज़रिए बच्चों को लेखन सिखाने के तरीकों के बारे में है। गणित का एक लेख बच्चों को शुरुआत से ही इबारती सवालों पर काम करने, खुद सवाल बनाने और जाँचने को गणितीयकरण की प्रक्रिया के तौर पर देखता है। दूसरा गणितीय सोच व तार्किक क्षमता के विकास के लिए तरीके सुझाता है। इस बार के संवाद का विषय विज्ञान, वैज्ञानिक सोच और पाठ्यपुस्तकें है।

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        • Pathshala Issue 16 Cover
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            Abstract

            पाठशाला भीतर और बाहर के सोलहवें अंक में शिक्षा के कुछ बुनियादी मसलों यथा शिक्षा में समावेशन, शुरुआती भाषा शिक्षण के पहलुओं, सामाजिक विज्ञान शिक्षण व नैतिक समझ के विकास आदि पर कक्षा के अनुभवों से उभरे व उन अनुभवों के विश्लेषण को समेटे हुए लेख हैं। चूँकि यह लेख कक्षा से अनुभवों से उभरे हैं, अतः यह उनके यथार्थ, संभावनाओं व चुनौतियों को सामने रखते हैं।

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