विकासकर्मी और उनकी चुनौतियाँ
विकासकर्मी आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, जेंडर, स्थानीय शासन और प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन जैसे जटिल मुद्दों पर समुदायों के साथ मिलकर काम करते हैं। अपने काम में उन्हें स्थानीय वास्तविकताओं को समझना होता है, समुदायों की तत्काल ज़रूरतों पर ध्यान देना होता है और सरकारी संस्थाओं तथा विकास संगठनों के साथ मिलकर काम करना होता है।
इस दौरान विकासकर्मियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। उनसे उम्मीद की जाती है कि वे नीतियों और कार्यक्रमों के उद्देश्यों को ज़मीन पर सार्थक रूप से उतारें, समुदायों की अलग-अलग ज़रूरतों को समझें, लोगों की भागीदारी बढ़ाएँ, संस्थाओं की अपेक्षाओं को पूरा करें और अपने काम के ऐसे नतीजे दिखाएँ जिन्हें साफ तौर पर मापा जा सके — वह भी अक्सर सीमित समय और संसाधनों में। इसके साथ ही, उन्हें अपने ज़मीनी अनुभवों से लगातार सीखते हुए बदलती सामाजिक, आर्थिक और संस्थागत परिस्थितियों के अनुसार अपने काम करने के तरीकों में बदलाव भी करना पड़ता है।
इस वेबिनार में विकासकर्मियों की बदलती भूमिका, उनके रोज़मर्रा के काम में आने वाली चुनौतियों और उनके काम को अधिक प्रभावी बनाने में मदद करने वाले ज्ञान, नज़रिए और क्षमताओं पर चर्चा की जाएगी। यह चर्चा ज़मीनी विकास कार्य, स्थानीय लोकतंत्र, समुदाय के नेतृत्व वाली संस्थाओं और विकास से जुड़ी शिक्षा के व्यापक अनुभवों पर आधारित होगी। सत्र के अंत में प्रतिभागियों को अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के पीजी डिप्लोमा इन लोकल डेवलपमेंट एंड गवर्नेंस के उद्देश्यों, स्ट्रक्चर और आवेदन प्रक्रिया के बारे में भी संक्षेप में बताया जाएगा।
इस सत्र में क्यों शामिल हों?
- विकासकर्मियों की बदलती भूमिका पर विचार करने के लिए।
- ज़मीनी विकास कार्यों में आने वाली प्रमुख चुनौतियों को समझने के लिए।
- यह जानने के लिए कि ज़मीनी अनुभवों को समाज, विकास और स्थानीय शासन की
व्यापक समझ से कैसे जोड़ा जा सकता है। - विकास के क्षेत्र में काम को मज़बूत बनाने वाले ज़रूरी ज्ञान और क्षमताओं के बारे में
जानने के लिए। - अनुभवी विकासकर्मियों और विश्वविद्यालय के फ़ैकल्टी सदस्यों के साथ बातचीत
करने के लिए। - पीजी डिप्लोमा इन लोकल डेवलपमेंट एंड गवर्नेंस के बारे में संक्षिप्त जानकारी प्राप्त
करने के लिए।
इस सत्र में कौन शामिल हो सकते हैं?
- ज़मीनी कार्यकर्ता, विकासकर्मी और फील्ड कोऑर्डिनेटर, जो नागरिक समाज संगठनों,
गैर‑सरकारी संगठनों, जन आंदोलनों, यूनियनों और इसी तरह के अन्य संगठनों के
साथ काम करते हैं। - आजीविका, शिक्षा, स्वास्थ्य, जेंडर, पर्यावरण, सामाजिक सुरक्षा और स्थानीय शासन
आदि क्षेत्रों में काम करने वाले लोग। - समुदायों को संगठित करने, कार्यक्रमों को लागू करने या ज़मीनी संस्थाओं को मज़बूत
बनाने के काम से जुड़े लोग। - सामाजिक क्षेत्र के अनुभवी प्रोफेशनल्स, जो स्थानीय विकास और शासन से जुड़ी
अपनी समझ और काम करने के तरीकों को और मज़बूत करना चाहते हैं। - इस विषय में रुचि रखने वाले अन्य लोग।
वक्ता के बारे में
जयपद्मा आर. वी. के पास सामाजिक विकास के क्षेत्र में काम करने का 30 वर्षों का अनुभव है। उन्होंने समुदाय‑आधारित संगठनों, अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसियों, कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) से जुड़ी पहलों तथा शिक्षण और शोध संस्थानों के साथ काम किया है। वर्तमान में वे अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ कंटिन्यूइंग एजुकेशन में फ़ैकल्टि हैं।
अपने काम के सफ़र में वे ग्राम विकास, स्विस एजेंसी फॉर डेवलपमेंट एंड कोऑपरेशन, साउथ एशिया विमेन फाउंडेशन इंडिया, इरमा, आईआईएम उदयपुर और टेरी स्कूल ऑफ एडवांस्ड स्टडीज़ जैसे संस्थानों से जुड़ी रही हैं। वे इरमा की पूर्व छात्रा और शेवनिंग स्कॉलर हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, प्राकृतिक संसाधनों के प्रबंधन, आवास और बसाहट के विकास तथा स्थानीय शासन के क्षेत्रों में काम किया है। जेंडर के प्रति संवेदनशील, समावेशी और समुदाय‑केंद्रित विकास के साथ उनका गहरा जुड़ाव इस बातचीत में ज़मीनी अनुभवों पर आधारित एक समृद्ध नज़रिया जोड़ेगा।
मॉडरेटर के बारे में
देबमाल्या नंदी अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में फ़ैकल्टी सदस्य हैं और उन्हें विकास के क्षेत्र में काम करने का 17 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने ग्रामीण विकास, मनरेगा, स्थानीय लोकतंत्र, कल्याणकारी अधिकारों और सामाजिक नीतियों के क्रियान्वयन पर व्यापक रूप से काम किया है। उनका अनुभव मुख्य रूप से झारखंड, ओडिशा और कर्नाटक में ज़मीनी कार्यक्रमों, जन अभियानों और नीतिगत प्रक्रियाओं से जुड़ा रहा है। इससे पहले वे प्रदान और टाटा ट्रस्ट्स से जुड़ी संस्था कलेक्टिव्स फॉर इंटीग्रेटेड लाइवलीहुड इनिशिएटिव्स (CInI) के साथ काम कर चुके हैं।
क्या आपके कोई सवाल हैं?
आप पंजीकरण के समय अपने सवाल साझा कर सकते हैं या सत्र के दौरान सीधे पूछ सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए कृपया admissions@apu.edu.in पर लिखें।


