पाठशाला वेबिनार — समृद्ध विद्यालय संस्कृति : सीखने की नई दिशा

समृद्ध विद्यालय संस्कृति और मानवीय मूल्य बच्चों में सीखने का उत्साह, सहयोग और संवेदनशीलता का आधार बनते हैं।
पढ़ने-लिखने की प्रक्रियाएँ, रीडिंग कॉर्नर,कहानी और संवाद जैसी पहल इन्हें विद्यालय के दैनिक जीवन का जीवन्त हिस्सा बनाती हैं। इनके माध्यम से बच्चों में जिज्ञासा, कल्पनाशीलता, संवेदनशीलता तथा विभिन्न विषयों को समझने और सीखने की क्षमताएँ विकसित होती हैं।
वक्ता
ताहिरा ख़ान, उत्तराखण्ड
अर्धेन्दु शेखर दाश, छत्तीसगढ़
चर्चा करेंगे: मोहम्मद उमर, राजस्थान
चर्चा हिन्दी में होगी
लेख यहाँ पढ़ें : ताहिरा ख़ान का लेख : https://shorturl.at/ziR04
अर्धेन्दु शेखर दाश का लेख : https://shorturl.at/WoUQH
