Beyond Numbers: Perspectives and Practices of CSO Financial Management August 2026 Batch
संख्याओं से आगे: सिविल सोसायटी संस्थाओं (CSOs) में वित्तीय प्रबंधन की दृष्टि और व्यवहार
पाठ्यक्रम के बारे में (About the course)
सिविल सोसायटी संस्थाएँ (CSOs) अनेक वित्तीय एवं अनुपालन संबंधी चुनौतियों का सामना करती हैं। सीमित संसाधनों और ज्ञान के कारण वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मियों को कई बार ऐसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ता है, जिससे संस्था वित्तीय, कानूनी एवं वित्तपोषण (Funding) से जुड़े जोखिमों के प्रति संवेदनशील हो सकती है।
सिविल सोसायटी संस्थाओं (CSOs) को वित्तीय प्रबंधन और नियमों के पालन से जुड़ी कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। सीमित संसाधनों और जानकारी के कारण वित्त से जुड़े कर्मचारी कई बार ऐसी कठिनाइयों का सामना करते हैं, जिनसे संस्था को वित्तीय, कानूनी और अनुदान (फंडिंग) से जुड़े जोखिम हो सकते हैं।
यह 5‑दिवसीय पाठ्यक्रम विशेष रूप से छोटी सिविल सोसायटी संस्थाओं (जिनका वार्षिक व्यय ₹5 करोड़ से कम है) के वित्तीय पेशेवरों /कर्मचारियों (Finance Professionals) की क्षमता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।
इस पाठ्यक्रम में वित्त को केवल लेखांकन तक सीमित न रखते हुए, संस्था को मजबूत बनाने में उसकी भूमिका को समझने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। साथ ही, व्यावहारिक कौशल, उपयोगी उपकरण (Tools) और प्रभावी कार्या नीतियों के माध्यम से प्रतिभागियों को मजबूत वित्तीय प्रणालियाँ विकसित करने, संस्थागत अनुदानों (Institutional Grants) का प्रभावी प्रबंधन करने तथा अनुपालन, जवाबदेही और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
कौन भाग ले सकता है? (Who should attend)
यह पाठ्यक्रम निम्नलिखित प्रतिभागियों के लिए उपयुक्त है—
- छोटी सिविल सोसायटी संस्थाओं में वित्तीय कार्यों का प्रबंधन या पर्यवेक्षण करने वाले व्यक्ति।
- कोषाध्यक्ष (Treasurers) अथवा वित्तीय उत्तरदायित्व निभाने वाले बोर्ड सदस्य।
- ऐसे प्रतिभागी जिनकी संस्थाओं को संस्थागत अनुदान प्राप्त हैं या जो भविष्य में संस्थागत अनुदान प्राप्त करने की योजना बना रहे हैं।
नोट: प्रतिभागियों के लिए लेखांकन, वित्तीय विवरणों (Financial Statements) तथा प्रमुख अनुपालनों (Compliances) का बुनियादी ज्ञान आवश्यक है।
आप क्या सीखेंगे? (What you will learn)
- आंतरिक वित्तीय नियंत्रण, लेखा-जोखा और दाताओं को दी जाने वाली वित्तीय रिपोर्ट को बेहतर बनाना।
- सिविल सोसायटी संस्थाओं से जुड़े नियमों और आवश्यक अनुपालनों को समझना।
- वित्तीय रिपोर्टों का उपयोग सही निर्णय लेने और जोखिमों को समझने के लिए करना।
- संस्था की दीर्घकालिक स्थिरता के लिए आय के विभिन्न स्रोतों और निवेश के विकल्पों को समझना।-
पाठ्यक्रम के प्रमुख सत्र (Key sessions in the course)
- लेखांकन एवं जवाबदेही
- अनुपालन: पंजीकरण, आयकर, FCRA एवं श्रम कानून
- आंतरिक नियंत्रण
- बजट निर्माण एवं दाता प्रबंधन
- आय के स्रोतों में विविधीकरण
- जोखिम प्रबंधन एवं दीर्घकालिक स्थिरता
आवेदन करने के लिए, यहाँ क्लिक करें (अंतिम तारीख़ 25 जुलाई 2026)
किसी भी सवाल या जानकारी के लिए, कृपया संपर्क करें: financialmanagement.course@apu.edu.in
Course Faculty
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Rajani Gopal Krishna
Rajani Gopal Krishna is a Chartered Accountant with over two decades of experience spanning the corporate and development sectors. She began her career with The IndianHotels Group and Infosys Ltd., before moving into the social sector, where she has worked extensively with civil society organisations (CSOs) to strengthen financialaccountability and governance.Since 2012, she has led…
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Jahir Mansuri
Jahir Mansuri has experience of more than 23+ years in the field of chartered accountancy. Since his early days of practice, he has had a clear vision and goal to work with the development sector only. The challenges in the development sector, like 360-degree views of the overall financial and accounting system and involvement of…
Fee Structure
| INR 1770 | पाठ्यक्रम शुल्क (कर सहित) (Fees, inclusive of taxes) |
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Food and accommodation will be provided by the University. Participants will be responsible for their own travel expenses.


