देवदासी प्रथा : धर्म का नशा और दासी स्त्रियों का जीवन

देवदासी बनी महिलाएँ, कहने को तो देव और देवियों से संरक्षित और सामाजिक रूप से सम्माननीय होती हैं, लेकिन उनके गर्भ से पैदा होने वाले बच्चों के पिता के नाम का सरकारी कॉलम कभी नहीं भरा जा सका? | प्रमोद इंदलियां हिन्दवी में लिखते हैं| 

देवदासी प्रथा : धर्म का नशा और दासी स्त्रियों का जीवन

हिन्दवी- 14 Oct 2024

प्रमोद इंदलियां बेंगलुरु के अजीम प्रेमजी विश्वविद्यालय में एम ए डेवलपमेंट के छात्र हैं।

यह लेख कोप्पल में लेखक के फील्डवर्क के दौरान माँझी देवदासियों के साथ हुई चर्चा पर आधारित है।

Image credit: प्रमोद इंदलियां

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